5 Essential Elements For Shodashi
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चत्वारिंशत्त्रिकोणे चतुरधिकसमे चक्रराजे लसन्तीं
साहित्याम्भोजभृङ्गी कविकुलविनुता सात्त्विकीं वाग्विभूतिं
सानन्दं ध्यानयोगाद्विसगुणसद्दशी दृश्यते चित्तमध्ये ।
सर्वानन्द-मयेन मध्य-विलसच्छ्री-विनदुनाऽलङ्कृतम् ।
केवल आप ही वह महाज्ञानी हैं जो इस सम्बन्ध में मुझे पूर्ण ज्ञान दे सकते है।’ षोडशी महाविद्या
यह उपरोक्त कथा केवल एक कथा ही नहीं है, जीवन का श्रेष्ठतम सत्य है, क्योंकि जिस व्यक्ति पर षोडशी महात्रिपुर सुन्दरी की कृपा हो जाती है, जो व्यक्ति जीवन में पूर्ण सिद्धि प्राप्त करने में समर्थ हो जाता है, क्योंकि यह शक्ति शिव की शक्ति है, यह शक्ति इच्छा, ज्ञान, क्रिया — तीनों स्वरूपों को पूर्णत: प्रदान करने वाली है।
As one particular progresses, the second section requires stabilizing this newfound recognition as a result of disciplined practices that harness the intellect and senses, emphasizing the important function of energy (Shakti) With this transformative procedure.
संरक्षार्थमुपागताऽभिरसकृन्नित्याभिधाभिर्मुदा ।
या देवी दृष्टिपातैः पुनरपि मदनं जीवयामास सद्यः
श्रीचक्रान्तर्निषण्णा गुहवरजननी दुष्टहन्त्री वरेण्या
Often known as the goddess of wisdom, Shodashi guides her devotees toward clarity, insight, and better expertise. Chanting her mantra enhances instinct, assisting people make sensible choices and align with their internal truth of the matter. This profit nurtures a lifetime of Shodashi integrity and goal.
The reverence for Tripura Sundari transcends mere adoration, embodying the collective aspirations for spiritual progress and the attainment of worldly pleasures and comforts.
कर्तुं देवि ! जगद्-विलास-विधिना सृष्टेन ते मायया
यहां पढ़ें त्रिपुरसुन्दरी हृदय स्तोत्र संस्कृत में – tripura sundari hriday stotram